तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दीपके को पुलिस
Oct 16, 2026तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, समर्थकों ने गाड़ी रोकने की कोशिश की

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह तिरंगा रैली में शामिल होने के लिए सेंट्रल पार्क जा रहे थे। पिछले छह दिनों में यह दूसरी बार है, जब दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी उन्हें हिरासत में लिया गया था, हालांकि अगले दिन उन्हें छोड़ दिया गया था। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। इसके तहत आदेश के अनुसार लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इससे पहले दिल्ली पुलिस उस बंगले पर पहुंची थी, जहां दीपके ठहरे हुए थे। पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन नहीं करने का नोटिस दिया था। इसी दौरान दोनों के बीच बहस भी हुई।
सेंट्रल पार्क जाते समय पुलिस ने हिरासत में लिया
अभिजीत दीपके तिरंगा रैली में शामिल होने के लिए सेंट्रल पार्क जा रहे थे, तभी दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। छह दिनों के भीतर दूसरी बार हुई इस कार्रवाई से मामला चर्चा में आ गया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी पुलिस ने दीपके को हिरासत में लिया था। उस समय उन्हें अगले दिन छोड़ दिया गया था। इस बार भी पुलिस ने उन्हें रैली में शामिल होने से पहले हिरासत में लिया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू होने के कारण पुलिस ने लोगों के एकत्र होने को लेकर कार्रवाई की है।
झंडेवालान स्थित बंगले पर पहुंची थी पुलिस
दीपके की हिरासत से पहले दिल्ली पुलिस झंडेवालान स्थित उस बंगले पर पहुंची थी, जहां वह ठहरे हुए थे। पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन नहीं करने का नोटिस दिया। इस दौरान दीपके और पुलिसकर्मियों के बीच बहस हो गई। दीपके ने पुलिस से कहा कि उनका कार्यक्रम कोई रैली या प्रदर्शन नहीं है। उन्होंने नोटिस दिए जाने पर भी सवाल उठाए और पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। इस घटनाक्रम के बाद उन्हें सेंट्रल पार्क जाते समय हिरासत में लिया गया।
पुलिस से बहस के दौरान दीपके ने जताई नाराजगी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने नोटिस को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था, “आप अपनी मर्जी से जो मन में आ रहा है, वही लिख रहे हैं। यह बेतुका है।” इसके बाद उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “फांसी पर चढ़ा दो ना। क्या मजाक है ये?” दीपके का कहना था कि उनका कार्यक्रम प्रदर्शन या रैली नहीं था। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में उनकी दूसरी हिरासत के बाद की आगे की कार्रवाई का विवरण सामने नहीं आया है।



















































































