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Oct 16, 2026नोएडा में 31 अक्टूबर तक सड़कों की मरम्मत का लक्ष्य, GRAP और न्यू नोएडा परियोजना पर भी बड़ा अपडेट

Noida News | 16 अक्टूबर 2026
नोएडा में सड़कों की मरम्मत, प्रदूषण नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। 15 अक्टूबर को हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को 31 अक्टूबर तक निर्धारित सड़कों की रिसर्फेसिंग का काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया। इसके साथ ही सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) की तैयारियों को तेज करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में दिवाली से पहले सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पानी और बिजली की आपूर्ति, कूड़ा प्रबंधन, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन और प्रमुख सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा न्यू नोएडा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई।
31 अक्टूबर तक सड़कों की रिसर्फेसिंग पूरी करने का लक्ष्य
नोएडा प्राधिकरण ने शहर की सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए रिसर्फेसिंग के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को 31 अक्टूबर तक निर्धारित सड़कों का काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
बारिश के बाद कई जगहों पर सड़क की ऊपरी परत खराब होने, गड्ढे बनने और सड़क की सतह असमान होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इनकी मरम्मत से वाहन चालकों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सकती है और रोजाना आने-जाने वाले लोगों की परेशानी कम हो सकती है।
नोएडा में बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरतों के लिए प्रतिदिन यात्रा करते हैं। ऐसे में सड़कों की समय पर मरम्मत यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
हालांकि, 31 अक्टूबर की तारीख काम पूरा करने का लक्ष्य है। सभी संबंधित सड़कों पर काम वास्तव में पूरा हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि प्राधिकरण के आगामी अपडेट से होगी।
GRAP के तहत प्रदूषण नियंत्रण की तैयारियां तेज
दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने GRAP से संबंधित तैयारियों पर भी ध्यान दिया है।
सड़क की धूल, निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल और खुले स्थानों पर जमा मिट्टी प्रदूषण के स्रोतों में शामिल हो सकते हैं। इसलिए सड़क की मरम्मत के साथ-साथ धूल को नियंत्रित करने और सफाई व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत होती है।
रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में निम्नलिखित उपायों पर जोर दिया गया:
- निर्धारित सड़कों की रिसर्फेसिंग समय पर पूरी करना।
- इमारतों में रूफटॉप स्प्रिंकलर लगाने के लिए एडवाइजरी जारी करना।
- शहर के अलग-अलग स्थानों पर AQI डिस्प्ले की व्यवस्था करना।
- सफाई और कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था मजबूत करना।
- प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी करना।
इन उपायों का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि इन्हें कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है। AQI और GRAP से जुड़े प्रतिबंधों के लिए लोगों को संबंधित सरकारी एजेंसियों के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
दिवाली से पहले सफाई, स्ट्रीट लाइट और पानी की व्यवस्था पर जोर
दिवाली और अन्य त्योहारों से पहले शहर की नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
प्राधिकरण ने सार्वजनिक स्थानों की सफाई, स्ट्रीट लाइट, पानी और बिजली की आपूर्ति तथा कूड़ा संग्रहण व्यवस्था पर ध्यान देने को कहा है। बाजारों और अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, मूर्ति विसर्जन और छठ पूजा से संबंधित गतिविधियों के लिए निर्धारित स्थानों पर कृत्रिम तालाब तैयार करने की व्यवस्था पर चर्चा हुई।
गांवों में कूड़ा संग्रहण के लिए अतिरिक्त वाहनों की तैनाती की योजना भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित कूड़ा संग्रहण वाहनों में 70 प्रतिशत इलेक्ट्रिक और 30 प्रतिशत CNG वाहन रखने का मिश्रण सुझाया गया है। इस प्रस्ताव को जांच के लिए IIT भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
प्राधिकरण ने अधिकारियों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में समय पर पहुंचने और नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य त्योहारों के दौरान शहर की सफाई और जरूरी नागरिक सेवाओं को सुचारू बनाए रखना है।
भंगेल और चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में नोएडा की प्रमुख सड़क और परिवहन परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इनमें भंगेल एलिवेटेड रोड और चिल्ला एलिवेटेड रोड से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
भंगेल एलिवेटेड रोड के नीचे सड़क और ड्रेनेज का काम
अधिकारियों को भंगेल एलिवेटेड रोड के नीचे सड़क, नालियों, कल्वर्ट और सेंट्रल वर्ज से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
एलिवेटेड रोड के नीचे की सड़क और जल निकासी व्यवस्था का सही होना भी जरूरी है। यदि इन कार्यों में देरी होती है, तो आसपास के क्षेत्रों में यातायात और जलभराव जैसी समस्याएं बनी रह सकती हैं।
चिल्ला एलिवेटेड रोड को लेकर क्या अपडेट है?
बैठक में चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर की दिशा में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड से संबंधित योजना की समीक्षा की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों को परियोजना के अंतिम छोर पर यातायात की आवाजाही की बेहतर योजना बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में सड़क पर जाम की समस्या कम करने में मदद मिल सके।
यमुना पुश्ता की दिशा में प्रस्तावित सड़क परियोजना पर भी चर्चा हुई। रिपोर्ट में बताया गया कि संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी और सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद एक से दो सप्ताह के भीतर टेंडर आमंत्रित करने की योजना थी।
यह उस समय की रिपोर्ट में बताई गई स्थिति है। टेंडर जारी होने और निर्माण कार्य शुरू होने की वर्तमान स्थिति की पुष्टि अलग से की जानी चाहिए।
न्यू नोएडा भूमि अधिग्रहण: 281 भू-स्वामियों ने जमा किए दस्तावेज
न्यू नोएडा परियोजना भी समीक्षा बैठक के प्रमुख विषयों में शामिल रही। यह परियोजना दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र के नियोजित विकास से संबंधित है।
रिपोर्ट के अनुसार, भूमि अधिग्रहण की दरें निर्धारित की जा चुकी हैं और गांवों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी हुई हैं। इसके अलावा, 281 भू-स्वामियों ने आपसी सहमति से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अपने दस्तावेज जमा किए हैं।
प्राधिकरण ने अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
न्यू नोएडा परियोजना से जुड़े भू-स्वामियों के लिए यह समझना जरूरी है कि अधिग्रहण की दरें तय होना, दस्तावेज जमा होना और जमीन का वास्तविक अधिग्रहण पूरा होना अलग-अलग चरण हैं।
इसी तरह, दस्तावेज जमा करने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित जमीन का अधिग्रहण पूरा हो गया है या मुआवजे का भुगतान हो चुका है। भू-स्वामियों को अपनी जमीन से संबंधित जानकारी, मुआवजे की शर्तों और अधिग्रहण की स्थिति के लिए आधिकारिक नोटिस और दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए।
नोएडा में EV चार्जिंग स्टेशन को लेकर अपडेट
शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार भी बैठक में चर्चा का विषय रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक, 88 स्थानों पर EV चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं, जबकि 77 अन्य स्थानों की पहचान की गई है।
चार्जिंग सुविधाओं की संख्या बढ़ने से इलेक्ट्रिक कार और दोपहिया वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों को मदद मिल सकती है। इससे शहर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी समर्थन मिल सकता है।
हालांकि, जिन स्थानों के लिए वर्क ऑर्डर जारी हुआ है, वहां सभी चार्जिंग स्टेशन चालू हो चुके हैं, ऐसा मानना सही नहीं होगा। उनकी स्थापना और संचालन की स्थिति की पुष्टि अलग-अलग अपडेट से करनी होगी।
अवैध अतिक्रमण और सार्वजनिक शौचालयों पर भी कार्रवाई
नोएडा प्राधिकरण ने सार्वजनिक स्थानों पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई और सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था सुधारने पर भी जोर दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों को सार्वजनिक शौचालयों और यूरिनल की साफ-सफाई तथा रखरखाव की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों से अपने क्षेत्रों की सुविधाओं के रखरखाव को लेकर प्रमाणन देने को भी कहा गया है।
इसके अतिरिक्त, अनधिकृत रेहड़ी-पटरी और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने तथा जब्त किए गए ठेलों और अन्य सामान को रखने के लिए उचित स्थान की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
कुछ अधिसूचित और अधिग्रहित क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई पर जोर दिया गया। रिपोर्ट में सलारपुर, भंगेल, गेझा, शाहपुर गोवर्धनपुर और हाजीपुर जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है।
इन कदमों का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों का बेहतर प्रबंधन करना और विकास से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
बकाया वसूली और सेक्टर 145 के आवंटियों को लेकर निर्देश
बैठक में बकाया राशि की वसूली का मुद्दा भी उठाया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों या संस्थाओं पर एक करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है और जिनके मामले अदालत में लंबित नहीं हैं, उनसे एक नवंबर तक बकाया वसूली की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने की स्थिति में आगे की कानूनी और वसूली संबंधी कार्रवाई पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा, सेक्टर 145 में पांच प्रतिशत आबादी श्रेणी के तहत आवंटित भूखंडों का कब्जा देने की प्रक्रिया दिवाली के आसपास शुरू करने के निर्देश दिए गए।
इन मामलों में वास्तविक प्रगति संबंधित आवंटियों की स्थिति, लागू नियमों और प्राधिकरण की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
नोएडा के निवासियों को किन अपडेट पर नजर रखनी चाहिए?
प्राधिकरण की समीक्षा बैठक में कई लक्ष्य और निर्देश सामने आए हैं। अब इनकी समय पर पूर्ति और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन महत्वपूर्ण होगा।
नोएडा के निवासियों को इन प्रमुख अपडेट पर नजर रखनी चाहिए:
- क्या निर्धारित सड़कों की रिसर्फेसिंग 31 अक्टूबर तक पूरी होती है?
- GRAP के तहत धूल नियंत्रण और प्रदूषण संबंधी नियमों को किस तरह लागू किया जाता है?
- दिवाली से पहले सफाई, स्ट्रीट लाइट, पानी और बिजली की व्यवस्था में कितना सुधार होता है?
- भंगेल एलिवेटेड रोड के नीचे सड़क और ड्रेनेज के काम में कितनी प्रगति होती है?
- चिल्ला एलिवेटेड रोड और यमुना पुश्ता से संबंधित परियोजनाओं की अगली स्थिति क्या रहती है?
- न्यू नोएडा भूमि अधिग्रहण में आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है?
- EV चार्जिंग स्टेशन लगाने और उन्हें चालू करने की दिशा में क्या प्रगति होती है?
इन सभी मामलों में प्राधिकरण के आधिकारिक अपडेट से यह स्पष्ट होगा कि घोषित योजनाओं में से कौन-से काम पूरे हुए हैं और कौन-से अभी जारी हैं।
निष्कर्ष
नोएडा प्राधिकरण की 15 अक्टूबर की समीक्षा बैठक में सड़क मरम्मत, प्रदूषण नियंत्रण और दिवाली से पहले नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही न्यू नोएडा भूमि अधिग्रहण, EV चार्जिंग स्टेशन और प्रमुख सड़क परियोजनाओं से जुड़े अपडेट भी सामने आए।
अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि घोषित समयसीमा के भीतर काम कितना पूरा होता है और प्रस्तावित सुविधाएं कब तक चालू होती हैं। नोएडा के निवासियों और भू-स्वामियों को आगे की स्थिति के लिए प्राधिकरण के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, विशेष कार्याधिकारी क्रांतिशेखर सिंह, महिमा, इंदुप्रकाश सिंह, एन.के. सिंह और संतोष कुमार मौजूद रहे। इसके अलावा महाप्रबंधक सिविल ए.के. अरोड़ा और एस.पी. सिंह, महाप्रबंधक विद्युत एवं यांत्रिकी आर.पी. सिंह, महाप्रबंधक नियोजन मीना भार्गव, उद्यान विभाग के निदेशक आनंद मोहन सिंह तथा विभिन्न वर्क सर्किल, जल खंड और विद्युत एवं यांत्रिकी खंडों के वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक भी बैठक में शामिल हुए।
नोट: यह समाचार उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्ट में दी गई जानकारी पर आधारित है। समयसीमा, परियोजना की वर्तमान स्थिति और भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवरणों को प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित करना उचित होगा।



















































































