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Jan 22, 2026दिल्ली में फिर लागू हुआ GRAP Stage-III, प्रदूषण बढ़ने से सख्त पाबंदियाँ

नई दिल्ली | 17 जनवरी 2026
दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। बढ़ते AQI (Air Quality Index) को देखते हुए प्रशासन ने GRAP (Graded Response Action Plan) Stage-III दोबारा लागू कर दिया है। ठंड, घना कोहरा और धीमी हवाओं के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो गए हैं, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कई इलाकों में AQI “Very Poor” श्रेणी में दर्ज किया गया है। इसी वजह से पर्यावरण मंत्रालय और CAQM (Commission for Air Quality Management) ने एहतियातन सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

GRAP Stage-III के तहत क्या पाबंदियाँ लगाई गई हैं?
GRAP Stage-III लागू होते ही दिल्ली-NCR में कई तरह के प्रतिबंध प्रभावी हो गए हैं।
इनमें प्रमुख रूप से:
- BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल वाहनों पर रोक
- निर्माण कार्य और तोड़-फोड़ गतिविधियों पर प्रतिबंध
- खुले में कचरा जलाने पर सख्त कार्रवाई
- भारी मालवाहक वाहनों (ट्रकों) की एंट्री सीमित
- उद्योगों और फैक्ट्रियों पर कड़ी निगरानी
प्रशासन का कहना है कि इन कदमों का मकसद प्रदूषण के स्तर को और बिगड़ने से रोकना है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
GRAP Stage-III का सबसे ज़्यादा असर आम जनता की दैनिक आवाजाही पर पड़ेगा। निजी वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है, वहीं कई इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन सकती है।
डॉक्टरों ने बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को घर के अंदर रहने, मास्क पहनने और बाहर की गतिविधियाँ सीमित करने की सलाह दी है।
स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
सरकार और प्रशासन की अपील
दिल्ली सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों से अपील की है कि:
- निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें
- सार्वजनिक परिवहन या कार-पूलिंग अपनाएँ
- खुले में आग न जलाएँ
- स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
प्रशासन ने साफ किया है कि हालात सुधरने तक GRAP Stage-III जारी रह सकता है।
निष्कर्ष
दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण एक बार फिर गंभीर चुनौती बनकर सामने आया है। GRAP Stage-III के लागू होने से यह साफ है कि हालात सामान्य नहीं हैं। यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है। ऐसे में सरकार के साथ-साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।































